

श्री विमल पाटनी
पाटनी परिवार के तीन भाइयों में सबसे छोटे, श्री विमल पाटनी ने पारंपरिक पारिवारिक कारोबार को एक नई दिशा देने का साहसिक निर्णय लिया। जिस परिवार की पहचान दशकों से दुनिया भर में मार्बल माइनिंग और मैन्युफैक्चरिंग के लिए रही थी, उन्होंने सीमेंट क्षेत्र में विविधीकरण की पूरी योजना और उसकी कार्यान्वयन प्रक्रिया की कमान संभाली। उनका उद्देश्य स्पष्ट था - एक ऐसी विश्वस्तरीय सीमेंट निर्माण कंपनी खड़ी करना, जो गुणवत्ता, भरोसे और पारदर्शिता जैसे उपभोक्ता-केंद्रित मूल्यों पर आधारित हो। शुरुआत से ही उन्होंने कंपनी के भविष्य, उसकी विकास गति और विस्तार की दिशा को लेकर एक स्पष्ट और सुनियोजित दृष्टिकोण रखा।
निंबाहेड़ा में लाइमस्टोन खदानें आवंटित होने के बाद उन्होंने उद्योग के अग्रणी लोगों और विशेषज्ञों से संवाद शुरू किया और दुनिया के श्रेष्ठ कंसल्टेंट्स के साथ मिलकर प्लांट का ब्लूप्रिंट बनाया। तब वे स्वयं सीमेंट कारोबार की बारीकियाँ सीख रहे थे, लेकिन उनकी जुझारू सोच और अथक मेहनत ने फैक्ट्री की नींव से लेकर उत्पादन शुरू होने तक के हर चरण को आकार दिया। 1,050 हेक्टेयर में फैले इस विशाल परिसर में उन्होंने ऐसी आधारभूत संरचना खड़ी करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसने उद्योग के मानक तय किए।
उनकी नेतृत्व शैली की सबसे बड़ी ताकत है - अपनी टीम पर भरोसा। किसी काम की दिशा और अपेक्षा स्पष्ट करने के बाद वे अपने लीडर्स को उसे अपने तरीके से आगे बढ़ाने की स्वतंत्रता देते हैं। लोगों पर यह भरोसा उनके नेतृत्व की एक ऐसी खूबी रही है, जिसने संगठन को लगातार आगे बढ़ने की ताकत दी है।
आज श्री विमल पाटनी वंडर सीमेंट की सभी उत्पादन गतिविधियों का नेतृत्व कर रहे हैं। इसके बावजूद, युवाओं के लिए रोज़गार और नए अवसर पैदा करना उनकी व्यक्तिगत प्राथमिकताओं में बना हुआ है। अपने प्रभाव और भूमिका के माध्यम से वे यह सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास करते हैं कि अधिक से अधिक युवाओं के लिए रोज़गार के वास्तविक अवसर तैयार हों।
साथ ही, वे बेहतर कॉरपोरेट प्रक्रियाओं को बढ़ावा देने, मजबूत कार्य-संस्कृति विकसित करने और अधिक स्वच्छ एवं हरित पर्यावरण की दिशा में काम करने को भी उतना ही महत्व देते हैं। नए देशों की यात्रा करना और उन्हें करीब से जानना उनकी रुचियों में शामिल है। समाज के प्रति योगदान और परोपकारी कार्यों से जुड़ाव भी उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

