श्री अशोक पाटनी

श्री अशोक पाटनी

चेयरमैन

श्री अशोक पाटनी की कहानी पढ़ना अपने आप में एक प्रेरक अनुभव है - मज़बूत मूल्यों, कुछ बड़ा करने की अदम्य महत्वाकांक्षा और असाधारण सफलता की कहानी। इसकी शुरुआत उनके गृहनगर किशनगढ़ से हुई, जहाँ परिवार के अनाज के थोक कारोबार से जुड़े शुरुआती वर्षों ने उन्हें व्यापार की बारीकियाँ समझने का अवसर दिया। आगे चलकर यही सफर एक ऐसे बड़े औद्योगिक विस्तार में बदला, जिसका दायरा लगातार बढ़ता गया।

मई 1989 में श्री पाटनी ने आर. के. मार्बल की स्थापना की। उन्होंने समझा कि डायमेंशनल स्टोन उद्योग में इटली की अग्रणी स्थिति का बड़ा कारण उसकी उन्नत तकनीक है। उन्होंने उस तकनीक को भारत लाने पर ध्यान केंद्रित किया और उसे भारतीय परिस्थितियों के अनुरूप विकसित करते हुए उत्पादन लागत को कम करने की दिशा में भी काम किया। आज उनका वह सपना पूरी तरह साकार हो चुका है। कंपनी अत्याधुनिक माइनिंग तकनीक का इस्तेमाल कर रही है, विदेशों में अपने उत्पादन का तेजी से विस्तार कर रही है और गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दुनिया के सबसे बड़े मार्बल उत्पादक के रूप में दर्ज है।

अब जब व्यवसाय ने सीमेंट के क्षेत्र में विस्तार किया है, श्री पाटनी वहाँ भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, और ईमानदारी, सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता और गुणवत्ता के अपने विशिष्ट मूल्यों को इस व्यवसाय की बुनियाद में कायम रखा। उनके नेतृत्व ने ही वंडर सीमेंट को देश में सर्वोत्तम गुणवत्ता वाले सीमेंट का दर्जा दिलाया है, जिसकी पुष्टि कई स्वतंत्र एजेंसियों, डीलरों और अंतिम उपभोक्ताओं ने की है।

इस सफलता के पीछे उनकी वह सोच है, जिसमें काम कभी उनके लिए सिर्फ ‘रूटीन बिज़नेस’ नहीं रहा। उनके लिए यह एक रचनात्मक जुनून रहा है - कुछ बेहतर करने, उसे आकार देने और लगातार आगे बढ़ाने का अवसर। आज भी उन्हें फैक्ट्री के फ्लोर पर अपने सहकर्मियों के साथ समय बिताना पसंद है। वे उन्हें स्नेहपूर्वक अपने ‘सह-कलाकार’ कहते हैं।

प्रकृति के संरक्षण के प्रति भी श्री अशोक पाटनी की गहरी प्रतिबद्धता है। अपने कारखानों और आसपास की टाउनशिप में बड़े पैमाने पर पौधरोपण और हरियाली विकसित करने के उनके निरंतर प्रयास इसका प्रमाण हैं। समाज के प्रति अपने जुड़ाव को भी वे उतनी ही गंभीरता से निभाते हैं और अनेक कल्याणकारी योजनाओं तथा सामाजिक पहलों को आगे बढ़ाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

नेतृत्व, रचनात्मकता और संवेदनशीलता का यह संतुलन ही श्री पाटनी के व्यक्तित्व को विशिष्ट बनाता है। उनकी दूरदर्शी सोच कंपनी की सफलता को निरंतर दिशा देती रहेगी - क्योंकि उनके लिए सपने देखना जितना महत्वपूर्ण है, उन्हें साकार करना और उन्हें निरंतर आगे बढ़ाते रहना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।